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दु:ख

 आज हम बात करने वाले हैं दु:ख के बारे में ।तुम कब कहते हो कि तुम दु:खी हो, जरा पूछो खुद को कि , मेरे दु:खी होने की डेफिनेशन क्या है ? तुम्हारे पास पैसे नहीं है, तुम्हारे पास घुमाने के लिए लड़की नहीं है, तुम्हारे पास घूमने के लिए बाइक नहीं है , तो दु:खी हो तुम वैसे तो हिंदुस्तान का हर तीसरा लड़का या लड़की दुखी मिलेंगे तुमको।  क्या अच्छा जीवनसाथी और अच्छा परिवार न होना दु:ख है तो फिर कई ऐसे कलाकार तुमको इसी वजह से खुश मिलेंगे कि उनके पास एक खराब जीवनसाथी या खराब फैमिली थी । अच्छी कॉलेज या नौकरी न मिलना दु:ख है तो फिर उनका क्या जो खराब कॉलेज से निकल कर भी अच्छी नौकरी पाते हैं और खराब जगह पर नौकरी करके भी खुश रहते हैं। अगर फिजिकल पैन दुख है तो कई ऐसे लोग मिलेगी तुम्हें जो कहेंगे कि कभी-कभी यह फिजिकल पैन ही जिंदगी आसान और आरामदायक बनाता है। तुम दु:खी इसलिए नहीं कि तुम्हारे आसपास कुछ हो रहा है तुम दु:खी इसलिए हो क्योंकि तुम्हारे अंदर कुछ हो रहा है। भगवान ने मनुष्य जीवन में सिर्फ सुख नाम की घटना लिखी है मगर दु:ख तो हमने खुद निर्माण किया है। जब तुम वह नहीं पाते जो तुम्हें मिलना चाहिए,...

ONE SIDED LOVE हैं । क्या करू ?

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    ए दिल है मुश्किल वह फिल्म जिसको देखते देखते मुझे नींद आ गई थी। कोई कांसेप्ट नहीं, कुछ नहीं । सिर्फ एक लड़का जो शरीर से बड़ा हो गया है, मगर दिमाग अभी भी वही बच्चों वाला । और सिंगर बनना चाहता है ।              एक लड़की के साथ रहता है , चुम्मा चाटी करता है , फिर वह लड़की किसी और से शादी कर लेती है ।          और ये लड़का बहुत बड़ा सिंगर बन कर भी वही बच्चों वाली हरकतें करता है । और सारे मजनू इसको अपना आइडल मानकर वन साइडेड लव करने के लिए लगे पड़े हैं ।     वैसे वन साइडेड लव की बीमारी हमारी खुद की बनाई हुई है, जिसकी दवाई भी हमारे ही पास है। मगर हम यह बीमारी बहुत मीठी लगने लगती है और हम कभी इसे दुरुस्त होना नहीं चाहते ।   पहले समझते हैं यह वन साइडेड लव होता क्या है ? इसके बाद हम बात करेंगे कि हम कैसे इस से बाहर निकले ।   एक लड़का या एक लड़की को अपने ऑपोजिट जेंडर के साथ अट्रैक्शन होता है । और होना भी चाहिए अगर यह अट्रैक्शन नहीं होता तो, आपको किसी मनोचिकित्सक के पास जाने की आवश्यकता है ।    जब ...